सतना जिले के 367 विद्यालयों ने प्रधानमंत्री पोषण योजना की मध्याह्न भोजन रिपोर्ट एमडीएम पोर्टल पर अपलोड नहीं की। नागौद और मैहर में सबसे अधिक लापरवाही सामने आई, जिससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
सतना के मैहर में 13 वर्षीय छात्रा का अपहरण कर सूने घर में बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, मामले की जांच जारी है।
सतना जिले के मझगवां जनपद पंचायत के सरकारी विद्यालय हिरौंदी में मध्यान्ह भोजन वितरण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई। 59 बच्चों की उपस्थिति में केवल 40 बच्चों के लिए भोजन तैयार किया गया। कई बच्चों को खाना नहीं मिला और अधपकी दाल व कम मात्रा की सब्जी परोसी गई। निरीक्षण में गंदगी और लापरवाही मिलने पर मां शारदा स्व सहायता समूह को नोटिस जारी किया गया और एक दिन की राशि काटी गई। वहीं रीवा के सेंट्रल किचन में भी गंदगी व निम्न गुणवत्ता का भोजन मिलने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
सतना जिले के स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाएं बंद मिलीं तो जिम्मेदार प्राचार्य होंगे कार्रवाई के पात्र। पठन-पाठन व्यवस्था में कमी पाई गई तो बीईओ और बीआरसी पर भी गिरेगी गाज। कलेक्टर सतीश कुमार एस ने समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश। परीक्षा परिणाम सुधार, लैब संचालन, पुस्तक वितरण और अभिभावक संवाद को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सतना ज़िले के सीएम राइज विद्यालयों की हालत चिंताजनक है। सिंहपुर स्कूल में छत से प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों में दरारें हैं और कक्षाएं जर्जर कमरों में चल रही हैं। स्कूल में शिक्षकों की भी भारी कमी है। ऐसे हालात में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों पर संकट है। सरकार के दावों और ज़मीनी सच्चाई में बड़ा अंतर सामने आ रहा है।
सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने समय-सीमा बैठक में शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि सभी जर्जर स्कूल भवनों का सर्वे कर उन्हें सुरक्षित किया जाए। मरम्मत योग्य भवनों को सुधारा जाए और पूरी तरह क्षतिग्रस्त भवनों को डिसमेंटल किया जाए। साथ ही, खाद्यान्न वितरण, उर्वरक उपलब्धता, और लंबित शिकायतों के निराकरण को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
सतना जिले में स्कूली बच्चों को ई-रिक्शा से ढोया जा रहा है, जिसमें न तो कोई सुरक्षा व्यवस्था है, न मानक। ओवरलोडिंग और खराब सड़कों के चलते बच्चों की जान खतरे में है, लेकिन प्रशासन अब तक चुप है। भोपाल और जबलपुर में प्रतिबंध के बावजूद सतना में कार्रवाई न होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
सतना जिले के अमरपाटन में स्कूल निरीक्षण के दौरान डीईओ को छात्र स्कूल से नदारद मिले। शिक्षक ने कहा कि बच्चे रोपा लगाने गए हैं। कई स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति और खेल मैदानों में खामियां भी उजागर हुईं।




















